Ahoi Ashtami 2025 Date And Time, महत्व और व्रत की आसान गाइड

Published on: October 5, 2025
Ahoi Ashtami 2025
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नमस्ते दोस्तों! अक्टूबर 2025 का महीना आ गया है, और त्योहारों का सीजन जोर पकड़ रहा है। अगर आप “Ahoi Ashtami 2025 date” या “Ahoi Ashtami time 2025” सर्च कर रहे हैं, तो सही जगह पहुंचे हैं। मैं खुद हर साल अहोई अष्टमी पर मां की तरह व्रत रखता हूं, क्योंकि ये मातृत्व का त्योहार है – बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए।

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2025 में अहोई अष्टमी 13 अक्टूबर को सोमवार को मनाई जाएगी। ये कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर आती है, जो करवा चौथ के चार दिन बाद और दीवाली के आठ दिन पहले होती है। व्रत सूर्योदय से तारों के दर्शन तक रखा जाता है, और पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद। इस 900 वर्ड्स के आर्टिकल में मैं आपको तिथि, समय, महत्व, व्रत कथा, विधि और टिप्स सब सिंपल तरीके से बताऊंगा। SEO के लिए कहूं तो, ये गाइड Ahoi Ashtami vrat 2025 और puja vidhi के लिए कंपलीट है। चलिए शुरू करते हैं, ताकि आपकी तैयारी परफेक्ट हो जाए!

अहोई अष्टमी 2025 की सटीक तिथि और समय (Ahoi Ashtami 2025 Exact Date and Time)

दोस्तों, सबसे पहले कन्फर्म करते हैं डेट। हिंदू पंचांग के अनुसार, अहोई अष्टमी 2025 13 अक्टूबर को सोमवार को है। अष्टमी तिथि 13 अक्टूबर दोपहर 12:24 बजे से शुरू होकर 14 अक्टूबर सुबह 11:09 बजे तक चलेगी। पूजा मुहूर्त शाम को होता है – जैसे दिल्ली में 6:07 PM से 7:19 PM तक (ड्यूरेशन 1 घंटा 12 मिनट)।

तारों के दर्शन का समय 6:28 PM के आसपास, और चंद्रोदय रात 10:52 बजे। अगर आप मुंबई या कोलकाता में हैं, तो लोकल टाइमिंग थोड़ी अलग हो सकती है – Drik Panchang ऐप चेक करें। व्रत सूर्योदय से शुरू होकर तारों या चंद्रमा के दर्शन पर खत्म होता है। क्यों स्पेशल? क्योंकि ये nirjala vrat है – न पानी, न खाना। 2025 में ये तिथि सोमवार को पड़ रही है, तो मंदिरों में स्पेशल सजावट होगी। दोस्तों, अगर आप उत्तर भारत में हैं, तो ये फेस्टिवल ज्यादा पॉपुलर है – गुजरात या महाराष्ट्र में अश्विन मास कहते हैं, लेकिन डेट वही। मार्क करें कैलेंडर में, ताकि मिस न हो!

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अहोई अष्टमी का महत्व और इतिहास

अहोई अष्टमी का महत्व मां-बच्चों के बंधन में छिपा है, दोस्तों। ये त्योहार मां अहोई (पार्वती मां का रूप) की पूजा के लिए है, जो बच्चों को संकटों से बचाती हैं। माताएं व्रत रखती हैं बेटों (और अब बेटियों) की लंबी आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए। परंपरागत रूप से बेटों के लिए था, लेकिन मॉडर्न टाइम में सभी बच्चों के लिए।

ज्योतिष में कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर चंद्रमा का प्रभाव बच्चों की रक्षा के लिए शुभ माना जाता है। इतिहास में, ये करवा चौथ जैसा है, लेकिन फोकस बच्चों पर। मान्यता है कि व्रत से संतान प्राप्ति में मदद मिलती है – बच्चे न होने वाली महिलाएं भी रखती हैं। 2025 में ये त्योहार मातृत्व की ताकत दिखाएगा, खासकर वर्किंग मदर्स के लिए। दोस्तों, ये दिन फैमिली बॉन्डिंग का भी है – मां का बलिदान याद करें। वैज्ञानिक नजरिए से, व्रत डिटॉक्स करता है, एनर्जी बूस्ट करता है। कुल मिलाकर, अहोई अष्टमी लव एंड प्रोटेक्शन का सिंबल है!

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अहोई अष्टमी 2025 पर व्रत कथा

अब सुनिए व्रत कथा, दोस्तों – ये सुनने से व्रत का फल मिलता है। एक शहर में साहूकार के सात बेटे थे। दीवाली से सात दिन पहले घर सफाई के लिए साहूकार की पत्नी नदी किनारे मिट्टी खोदने गई। वहां एक गुफा में अहोई नाम की मां का रूप दिखा, जिसके सात अंडे थे। गलती से एक अंडा उसके हाथ लग गया, जो टूट गया। रात को उसके सातों बेटे मर गए।

दुखी होकर वो अहोई मां की पूजा करने लगी, व्रत रखा। प्रसन्न होकर अहोई मां ने कहा – “अगली अष्टमी पर व्रत रखोगी, तो बेटे जीवित हो जाएंगे।” अगले साल व्रत रखा, तो बेटे वापस आ गए। तब से माताएं ये व्रत रखती हैं। दोस्तों, कथा शाम को पूजा के बाद सुनें – फैमिली के साथ। 2025 में ये कथा ऑनलाइन वीडियोज में भी मिल जाएगी।

अहोई अष्टमी 2025 पूजा विधि और सामग्री

पूजा सिंपल लेकिन श्रद्धा से करें, दोस्तों। सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें। शाम को:

  1. दीवार पर गोबर से अहोई मां, सूरज, चंद्रमा और सात अंडों का चित्र बनाएं।
  2. अहोई मां की फोटो या सिल्वर अहोई स्थापित करें।
  3. चंदन, कुमकुम, फूल चढ़ाएं – मंत्र “ओम अहोई मातायै नमः” जपें।
  4. आरती करें, भजन गाएं – “अहोई मां की जय”।
  5. तारों के दर्शन पर व्रत खोलें – फलाहार लें।

सामग्री: सिंदूर, चावल, फल, मिठाई (हलवा), दीये, अगरबत्ती। अगर दीवार पर चित्र न बना सकें, तो प्रिंटआउट यूज करें। दोस्तों, बच्चे साथ रखें – उनकी हंसी पूजा को स्पेशल बनाएगी। 2025 में इको-फ्रेंडली सामग्री चुनें, जैसे मिट्टी के दीये।

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अहोई अष्टमी व्रत के नियम, दोष और टिप्स

व्रत nirjala है – सुबह से शाम तक कुछ न खाएं। दोष: झूठ बोलना, गुस्सा, या व्रत तोड़ना। टिप्स: ज्यादा पानी न पिएं पहले, हेल्थ इश्यू हो तो फलाहार रखें। प्रेग्नेंट महिलाएं डॉक्टर से पूछें। 2025 में ऐप्स से रिमाइंडर्स सेट करें। दोस्तों, व्रत के बाद फैमिली डिनर – बॉन्डिंग बढ़ेगी।

अहोई अष्टमी 2025 के आसपास अन्य त्योहार

अहोई के चार दिन पहले करवा चौथ (9 अक्टूबर), आठ दिन बाद दीवाली (20-21 अक्टूबर)। गोवर्धन पूजा (22) और भाई दूज (23) भी। राधा कुंड स्नान भी इसी दिन – संतान के लिए शुभ।

कन्क्लूजन

दोस्तों, 13 अक्टूबर 2025 को अहोई अष्टमी मनाएं – पूजा 6-7 PM, तारों पर व्रत खोलें। महत्व, कथा और विधि से घर में खुशियां आएंगी। अगर डाउट हो, कमेंट्स में पूछें। हैप्पी अहोई अष्टमी, और मां अहोई की कृपा बनी रहे!

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