Amavasya October 2025: तिथि, महत्व और पूजा के आसान तरीके

Published on: October 5, 2025
Amavasya October 2025
Join WhatsApp
Join Now
Join Telegram
Join Now

नमस्ते दोस्तों! अक्टूबर 2025 का महीना आ गया है, और हिंदू कैलेंडर में अमावस्या की तिथि सबके मन में घूम रही है। अगर आप “Amavasya October 2025 date” या “Kartika Amavasya 2025” सर्च कर रहे हैं, तो सही जगह पहुंचे हैं। अमावस्या, जो नई चांद की रात है, पितरों को याद करने और आध्यात्मिक शांति पाने का दिन है। इस बार अक्टूबर में अमावस्या 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे तक चलेगी। ये कार्तिक अमावस्या के नाम से जानी जाती है, और ये दीपावली का मुख्य दिन भी है!

WhatsApp
Join
Telegram
Join
Facebook
Join
YouTube
Join

अमावस्या अक्टूबर 2025 की सटीक तिथि और समय

दोस्तों, सबसे पहले कन्फर्म करते हैं तिथि। हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्टूबर 2025 की अमावस्या 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को दोपहर 3:45 बजे शुरू होगी। ये तिथि 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को शाम 5:55 बजे तक रहेगी। ये चेन्नई टाइम के हिसाब से है, लेकिन पूरे भारत में लगभग यही टाइमिंग फॉलो होगी। अगर आप दिल्ली या मुंबई में हैं, तो लोकल पंचांग चेक करें – थोड़ा सा डिफरेंस हो सकता है। क्यों स्पेशल? क्योंकि ये कार्तिक मास की अमावस्या है, जो दीपावली का कोर है।

नई चांद की रात में चंद्रमा नजर नहीं आता, इसलिए इसे अमावस्या कहते हैं – “अ” मतलब अनुपस्थित, और “मावस्या” चांद का। 2025 में ये तिथि राम की अयोध्या वापसी की याद दिलाती है, और लाखों लोग लक्ष्मी पूजा के लिए तैयार होते हैं। अगर आप ऑनलाइन कैलेंडर यूज करते हैं, तो Drik Panchang या Prokerala ऐप पर चेक करें – एक्ट एक्ट टाइमिंग्स मिल जाएंगी। दोस्तों, ये दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा के लिए बेस्ट है, तो मार्क करें अपनी डायरी में!

Also Check:- SBI Diwali Gift Offers 2025: अमेजिंग ऑफर्स और स्मार्ट शॉपिंग टिप्स

अमावस्या का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

अमावस्या का महत्व अनोखा है, दोस्तों। हिंदू धर्म में ये पितरों (ancestors) को श्रद्धांजलि देने का दिन है। मान्यता है कि अमावस्या पर पितर पृथ्वी पर आते हैं, इसलिए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। ज्योतिष में चंद्रमा की कमजोर पोजीशन के कारण ये दिन शुभ कार्यों जैसे शादी या गृह प्रवेश के लिए अनोशस माना जाता है, लेकिन पूजा और व्रत के लिए परफेक्ट। अक्टूबर 2025 की अमावस्या पर चंद्रमा और शनि के प्रभाव से नेगेटिव एनर्जी बढ़ सकती है, इसलिए शिव पूजा या गंगा स्नान से बचाव करें।

वैज्ञानिक नजरिए से, नई चांद की रात में tides मजबूत होते हैं, जो मूड को प्रभावित करते हैं – इसलिए ध्यान या मेडिटेशन बेस्ट रेमेडी है। पितृ पक्ष के आखिरी दिन के रूप में, ये अमावस्या महालय अमावस्या जैसी पावरफुल है। दोस्तों, अगर आपका परिवार बड़ा है, तो इस दिन एकजुट होकर पूजा करें – रिश्ते मजबूत होंगे। 2025 में ये तिथि फॉल एक्लिप्स के करीब है, तो एक्स्ट्रा सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, अमावस्या एनर्जी को रिन्यू करने का चांस है – डार्कनेस से लाइट की ओर!

अक्टूबर 2025 अमावस्या पर कौन-कौन से व्रत और त्योहार?

अमावस्या अक्टूबर 2025 पर त्योहारों की बहार है! मुख्य रूप से, ये दीपावली अमावस्या है – कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाला पांच दिन का फेस्टिवल। 20-21 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा होगी, जहां दीये जलाकर मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है। इसके अलावा, भाई दूज (23 अक्टूबर) और गोवर्धन पूजा (22 अक्टूबर) का सीरीज है। व्रत की बात करें, तो सोमवती अमावस्या व्रत रखने वाली महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए वट वृक्ष की परिक्रमा करती हैं।

जैन धर्म में ये महावीर निर्वाण दिवस है, जबकि सिखों के लिए बंदी छोड़ दिवस। अगर आप व्रत रखते हैं, तो फलाहार लें – फल, दूध और नट्स से। दोस्तों, 2025 में ये तिथि सोमवार से शुरू हो रही है, तो मंडिरों में स्पेशल पूजा होगी। कल्चरल रूप से, बंगाल में काली पूजा भी इसी दिन मनाई जाती है। अगर आप ट्रैवलर हैं, तो हरिद्वार या प्रयागराज जाएं – गंगा स्नान का मजा लें। ये दिन न सिर्फ रिलिजियस, बल्कि फैमिली बॉन्डिंग का भी है!

Also Check:- Surajkund Diwali Mela 2025: टिकट, टाइमिंग और छूट की पूरी गाइड

अमावस्या अक्टूबर 2025 पर पूजा विधि और आसान स्टेप्स

पूजा करना चाहते हैं? सिंपल तरीके बताता हूं, दोस्तों। शाम को स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें। घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दीये सजाएं। लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए:

  1. आसन पर मूर्तियां स्थापित करें।
  2. चंदन, फूल और अगरबत्ती से अभिषेक करें।
  3. आरती करें – “ओम लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र जपें।
  4. दान दें – काले तिल, चावल या कंबल गरीबों को।
  5. रात 12 बजे के बाद चंद्रोदय पर चंद्रमा को जल अर्पित करें।

अगर टाइम कम है, तो सिर्फ 108 बार “ओम नमः शिवाय” जपें – नेगेटिव को दूर करेगा। महिलाओं के लिए, सोमवती व्रत में 108 परिक्रमा। मटेरियल्स: दीये, कपूर, फल और मिठाई। दोस्तों, ऑनलाइन पूजा किट्स अमेजन पर मिल जाएंगे। 2025 में इको-फ्रेंडली दीये यूज करें – पर्यावरण का ध्यान रखें। पूजा के बाद प्रसाद बांटें – खुशियां दोगुनी!

अमावस्या पर क्या न करें और क्या करें

अमावस्या पर सावधानियां जरूरी हैं। न करें: नॉन-वेज खाना, झगड़ा, या नए बिजनेस शुरू। करें: दान, जप, और परिवार के साथ समय बिताएं। टिप्स: सुबह जल्दी उठें, योगा करें। अगर CIBIL स्कोर चेक करना है, तो ये दिन फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए अच्छा – लक्ष्मी पूजा से प्रॉस्पेरिटी आएगी। हेल्थ टिप: चंद्रमा कमजोर होने से सिरदर्द हो सकता है, तो पानी ज्यादा पिएं।

अगर आप स्टूडेंट हैं, तो रिवीजन के लिए बेस्ट टाइम – कंसंट्रेशन बढ़ेगा। दोस्तों, 2025 में अमावस्या पर ऑनलाइन लाइव पूजा जॉइन करें – YouTube पर ढेर सारे चैनल्स हैं। सेफ्टी: आतिशबाजी सावधानी से, बच्चों को दूर रखें।

Also Check:- Diwali Loan Bazartak: दीवाली 2025 में इंस्टेंट लोन बिना सैलरी स्लिप के कैसे लें?

अमावस्या अक्टूबर 2025 के आसपास अन्य महत्वपूर्ण तिथियां

अमावस्या के इर्द-गिर्द तिथियां: धनतेरस (18 अक्टूबर) – गोल्ड खरीदें। छोटी दीवाली (19 अक्टूबर)। फिर मुख्य अमावस्या (20-21), गोवर्धन (22), और भाई दूज (23)। ये पांच दिन का फेस्टिवल है – शॉपिंग, पूजा और फूड का मजा। अगर आप NCR में हैं, तो सूरजकुंड मेला भी चल रहा है।

कन्क्लूजन

दोस्तों, अक्टूबर 2025 की अमावस्या 20-21 तारीख को आ रही है – दीपावली का दिल! महत्व, पूजा और टिप्स से आपका दिन स्पेशल बनेगा। पितरों को याद करें, लक्ष्मी को आमंत्रित करें, और नेगेटिव को विदा करें। अगर कोई डाउट हो, कमेंट्स में पूछें। हैप्पी अमावस्या और दीपावली!

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Leave a Comment